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  जे.एस.के. के संबंध में  -  पर्यवलोकन  -  जे.एस.के. का अधिदेश संक्षेप में
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जे.एस.के. का अधिदेश संक्षेप में

जनसंख्या स्थिरता कोष (जे.एस.के.) को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक स्वायत्त सोसाइटी के रूप में पंजीकृत किया गया है। सरकार ने इसके लिए 100  करोड़ रुपये की समग्र निधि की व्यवस्था की है ताकि कोष के कार्यकलापों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को यह पूरा कर सके।

जनसंख्या स्थिरता कोष को यह अधिदेश प्राप्त है कि वह ऐसी गति विधियों को उत्प्रेरित करे जो जनसंख्या स्थिर करने और इसे आम जनता के कार्यक्रम में परिवर्तित करने में सहायक हों।

अब जे.एस.के. के जनसंख्या अध्ययनों और सम्बद्ध क्षेत्रों में विशेषज्ञों, चिकित्सा एसोसिएशनों, उद्योग और व्यापार एसोसिएशन, बैंक, गैर सरकारी संगठनों, परा चिकित्सा और आम नागरिकों से सदस्य बनाने के लिए एक अभियान चला रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जनसंख्या स्थिरीकरण की आवश्यकता पर ध्यान केन्द्रित करना है। यह कार्य उस शासी बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णोयों के अनुसार किया जा रहा है जिसमें सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य सम्मिलित हैं।

प्राप्त अंशदान या दान की प्राप्ति सूचना दी जाएगी। रु.500/- से अधिक धनराशि की प्रविष्टि जे.एस.के. के वेबसाइट पर तारीख वार और नाम वार की जाएगी।

जे.एस.के. की वार्षिक रिपोर्ट संसद के समक्ष रखी जाएगी और भारत के नियंत्रक एंव महा-लेखा परीक्षक द्वारा इसके लेखाओं की लेखा परीक्षा की जाएगी।

 

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  प्रतिलिपि अधिकार 2007,  जनसंख्या स्थिरता कोष , सर्वाधिकार सुरक्षित